मध्य प्रदेशसागर

कलेक्टर की संवेदनशीलता

सागर /

एक छोटे से तोहफे ने मेरे हौसलों में जान भर दिया
सलाम है आपको, आपकी इस नेक सोच और इंसानियत को….
आज आपने मेरे सपनों को आसमान दे दिया।।

यह सिर्फ एक छोटी सी कविता नहीं, यह आवाज है उस महिला की जो वर्षों से दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थी और अपने आप को दूसरें पर बोझ समझती थी। कलेक्टर श्री संदीप जी आर की संवेदनशीलता के चलते आज जब उसे इलेक्ट्रिक साइकिल मिली तो खुशी से भावविभोर होते हुए उसके मुह से यह कविता निकली।

यह कहानी है सागर जिले के ग्राम गिरवर की निवासी पार्वती कुर्मी की जो कि 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं। वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। जीवन की छोटी-छोटी जरूरतें भी उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी थी। घर से निकलना, आना-जाना या किसी काम के लिए कहीं पहुंचना सब कुछ किसी और की मदद पर निर्भर था। लेकिन पार्वती के मन में एक सपना था स्वतंत्रता का सपना। वे चाहती थीं कि खुद चल सकें, खुद कुछ कर सकें।

पार्वती कुर्मी बताती हैं कि एक दिन उन्होंने हिम्मत जुटाई और सोशल मीडिया पर कलेक्टर श्री संदीप जी आर को टैग करते हुए अपनी व्यथा पोस्ट की। पोस्ट में उन्होंने विनम्रता से इलेक्ट्रिक साइकिल की मांग की। यह पोस्ट सिर्फ एक मैसेज नहीं था यह एक दिव्यांग महिला की पुकार थी, जो चलने फिरने में असमर्थ थी और अपने आप को आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी।

पार्वती कहती है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा प्रदेश में चलाई जा रही विभिन्न लोक हितकारी योजनाओं में जिसमें दिव्यांगजनों के लिए भी अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है जिसके माध्यम से दिव्यांगों को सहायक उपकरण सहित अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराएं जा रहे हैं, पार्वती कर्मी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से धन्यवाद आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशीलता एवं उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन जिला प्रशासन द्वारा किस प्रकार किया जा रहा है इसका उदाहरण आज हमें सागर में जिला कलेक्टर के द्वारा प्रदान की गई मोटेªट ट्राई साइकिल से देखने मिला।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने पार्वती की पोस्ट को देखा और उसे गंभीरता से लिया। तुरंत पार्वती से संपर्क कर उनके दस्तावेज मंगवाए, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की जांच कराई और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि पार्वती का मामला तुरंत निपटाया जाए।

आज वह पल आया, जिसका पार्वती को इंतजार था। पार्वती कुर्मी कोे कलेक्टर की संवेदनशीलता और उनकी त्वरित कार्यवाही के चलते इलेक्ट्रिक साइकिल प्रदान की गई। पार्वती कुर्मी बताती हैं कि, मैं सालों से घर में ही रहती आई हूं। कहीं जाने की सोचती तो मन उदास हो जाता था। आज इलेक्ट्रिक साइकिल मिलने पहली बार लगा कि अब मैं आजाद हूं। यह साइकिल मेरे लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, मेरी जिंदगी की नई शुरुआत है। अब मैं खुद बाजार जा सकती हूं, पड़ोसियों से मिल सकती हूं, और अपने छोटे-छोटे काम खुद कर सकूंगी।

पार्वती कुर्मी ने कलेक्टर श्री संदीप जी आर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, आपने मेरी आवाज सुनी, मेरी तकलीफ समझी और इतनी जल्दी मेरी मदद की। यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

कलेक्टर ने दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने पार्वती कुर्मी को इलेक्ट्रिक साइकिल के साथ-साथ हेडमेट भी दिया। इस दौरान उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर चलते हुए हमेशा यातायात नियमों को पालन करें और सुरक्षित यातायात हेतु हेलमेट और सीटवेल्ट अवश्य लगायें।

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