भोपालसागर

नगरीय विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह के अथक प्रयासों से शीघ्र प्रारंभ होगा केन्द्रीय जेल का निर्माण, हाउसिंग बोर्ड शीघ्र करेगा कन्सलटेन्ट की नियुक्ति

सागर/   नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह के अथक प्रयासों से चितौरा में केंद्रीय जेल का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। केन्द्रीय जेल का निर्माण कार्य के लिए मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड कन्सलटेन्ट की नियुक्ति करेगा, जिससे केन्द्रीय जेल का निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा। महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह से अनुरोध किया था कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा कन्सलटेन्ट की नियुक्ति शीघ्र की जाए ताकि चितौरा में केन्द्रीय जेल का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके।
महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने बताया कि सागर में पुनरावृत्ति करण योजना के तहत शहर में स्थित केन्द्रीय जेल को सागर से अन्यत्र चितौरा ग्राम के समीप 200 एकड जमीन पर 250 करोड की लागत से निर्माण कार्य होना है जिसका पीपीआर एवं सधिकार समिति द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है  किन्तु  हाउसिंग बोर्ड में निर्माण कार्य के लिए कन्सलटेन्ट नियुक्त न हो पाने के कारण कार्य में गति नहीं आ पा रही थी। उन्होंने बताया कि मंत्री श्री सिंह द्वारा शीघ्र कन्सलटेन्ट की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया गया है, जिससे कार्य में गति आ सकेगी।
सागर की केंद्रीय जेल अत्याधुनिक सर्वसुविधाओं से युक्त 200 एकड़ जमीन पर 250 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाना प्रस्तावित है। साधिकार समिति की बैठक में सागर की केंद्रीय जेल को पुनरावृत्ति करण योजना के तहत अनुमोदन प्राप्त हो गया है।
विगत 24 फरवरी 2023 को वर्चुअल कान्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बेस की अध्यक्षता में हुई सधिकर समिति की बैठक में सागर की केंद्रीय जेल को चितौरा के पास 200 एकड़ जमीन पर 250 करोड़ रुपए की लागत से तैयार करने के लिए अनुमोदन प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री दीपक आर्य, हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री श्री जीएस दुबे, केंद्रीय जेल के अधीक्षक श्री दिनेश नार्वे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन की पुनरावृत्ति करण योजना के तहत सागर स्थित केंद्रीय जेल को सागर शहर से अन्यत्र स्थापित करने के लिए योजना तैयार की गई थी जिसमें हाउसिंग बोर्ड द्वारा 5000 बंदियों के लिए 200 एकड़ जमीन चितौरा ग्राम के पास चयनित की गई।
उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सर्व सुविधा युक्त जेल बनाने के लिए 250 करोड राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी केंद्रीय जेल सागर 1843 में निर्मित हुई थी एवं 894 कैदियों के विरुद्ध लगभग अट्ठारह सौ कैदी निरुद्ध है।
उन्होंने बताया कि सागर विकासखंड के ग्राम चितौरा में खसरा नंबर 412, 441 एवं 448 / एक रखवा 185 दशमलव 28 हेक्टेयर से 80.00 हेक्टेयर जन्नत की गई है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक केंद्रीय जेल में जेल प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक मुलाकात कक्ष सब्जी कोल्ड स्टोरेज आधुनिक मॉड्यूलर किचन जेल के अंदर आवासीय परिसर में पार्क जेल के चारों तरफ वॉच टावर जेल परिसर में गौशाला का निर्माण पुस्तकालय का निर्माण 5000 बंदियों के लिए बैरक कार्यालय एवं अन्य भवन साथ में संपूर्ण केंद्रीय जेल की हाईटेक सुरक्षित बाउंड्री वाल जेल परिसर में ही 100 बिस्तर का अस्पताल अस्पताल भवन में लिप्त फायर फाइटिंग एवं फायर कंडीशन का कार्य भी होगा एवं अस्पताल भवन में समस्त मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे ।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने बताया कि जेल परिसर में 234 विभिन्न श्रेणियों के आवास ग्रहों का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल परिसर में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम, कंट्रोल रूम, सभाकक्ष सीसीटीवी कैमरा से युक्त होगा। वहां विद्युतीकरण सबस्टेशन फीडर लाइन स्पोर्ट्स ग्राउंड एवं परिसर का विकास कार्य किया जाएगा।

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