प्राकृतिक आपदा का एक भी प्रकरण लंबित न रहें – कलेक्टर श्री आर्य

सागर / कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने सोमवार को सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण हेतु विभागों के द्वारा किए गए प्रयासों की समीक्षा की। कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने
अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी को निर्देश दिया कि तहसीलदार स्तर पर सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का संतुष्टि पूर्ण निराकरण कराएं।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए सचेत किया है कि प्राकृतिक आपदा से संबंधित एक भी प्रकरण सीएम हेल्पलाइन में लंबित न रहें। जिन प्रकरणों में राहत राशि स्वीकृत नहीं की जा सकती है। उन मामलों की समुचित जानकारी एल वन स्तर पर ही दर्ज करने की कार्यवाही की जाए और जिन प्रकरणों में आर्थिक सहायता की जानी है। उन प्रकरणों में यथाशीघ्र कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री आर्य ने फरवरी माह की दर्ज शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकरण कराने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि 50 दिवस से अधिक की लंबित शिकायतें प्रत्येक विभाग की शून्य होना चाहिए। कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि संतुष्टि से समाधान कराया जाना अधिकारियों की योग्यता व कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करता है। अतः जिन मामलों का निराकरण जिला स्तर पर संभव है वे सभी आवेदनों पर आवेदनकर्ता को संतुष्टिपूर्वक समाधान करें।
कलेक्टर श्री आर्य ने जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश स्तरीय जिलों की जारी होने वाली रैंकिंग सूची में जिला पिछड़े न इसके लिए संबंधित विभागों के द्वारा निराकरण के संबंध में आवेदकों की समस्याओं का समाधान कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले माह की जारी रैंकिंग सूची में जिन विभागों की डी ग्रेड रैंकिंग है उन विभागों के अधिकारियों को स्पष्टीकरण के माध्यम से जबाव प्रस्तुत करना होगा। यदि इस माह सुधार परिलीक्षित नहीं होता है तो उनका वेतन रोकने के साथ-साथ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में समाधान ऑनलाइन के तहत जारी ऐजेण्डा बिन्दुओं के संदर्भ में विभागों द्वारा क्रियान्वित कार्यों व आवेदनों के निराकरण पर की जा रही पहल की भी गहन समीक्षा कलेक्टर श्री दीपक आर्य के द्वारा की गई।
उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईयो श्री पी सी शर्मा, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी के अलावा समस्ट एसडीएम समेत विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।