सागर /सभी नोडल अधिकारी हर दिन सुबह 8 बजे तक अपने कार्य क्षेत्र के पंजीयन केन्द्रों पर पहुँचें और लॉगइन कराकर हर हाल में प्रातः 9 बजे तक पंजीयन का काम शुरू कराएँ। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के पर्यवेक्षण के लिये नियुक्त नोडल अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का पंजीयन किया जाना है, उनसे घर-घर संपर्क कर उन्हें एक दिन पहले पंजीयन पर्ची (टोकन) अनिवार्यतः वितरित कराई जाएँ। महिलाओं को एक दिन पहले यह टोकन 2 से 3 घंटे के स्लॉट के हिसाब से दिए जाएँ, जिससे महिलाओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और पंजीयन स्थल पर भीड़ जमा न हो।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के नोडल अधिकारियों की अलग-अलग बैठक लेकर कलेक्टर श्री आर्य ने लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक हुए पंजीयन की समीक्षा की। साथ ही पंजीयन में आ रही कठिनाईयों व समस्याओं का निराकरण भी किया। बैठक में सहित जिले के एसडीएम, कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री बृजेश त्रिपाठी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि पंजीयन स्थल पर ई-केवायसी करने के लिये भी अलग से काउण्टर बनाएँ। व्यवस्था ऐसी हो जिससे जिस महिला को पंजीयन कराना है वह पंजीयन काउण्टर पर और जिस महिला को ई-केवायसी कराना है वह ई-केवायसी काउण्टर पर पहुँचे। घर-घर संपर्क कर महिलाओं को पहले से ही बता दिया जाए कि उन्हें पंजीयन स्थल पर किस काउण्टर पर जाना है। उन्होंने ई-केवायसी के काम की जिम्मेदारी आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सौंपने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं महिला व बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक इस काम को बेहतर ढंग से अंजाम दिलाएँ। कलेक्टर श्री आर्य ने यह भी कहा कि जितनी मेहनत अधिकारी कर रहे हैं उसके परिणाम भी मौके पर दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सबके प्रयासों की बदौलत शनिवार को पंजीयन में उल्लेखनीय इजाफा सामने आया है। इसे और ऊँचाईयों तक पहुँचाने की जरूरत है।



