सागर

लाठी एवं डण्डे से मारपीट करने वाले आरोपीगण को 06-06 माह का कारावास 

सागर । लाठी एवं डण्डे से मारपीट करने वाले आरोपीगण पिट्टे उर्फ रघुवीर आदिवासी, राजू उर्फ राजाराम आदिवासी एवं भारत उर्फ भरत आदिवासी को न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मालथौन जिला-सागर सुश्री आरती आर्य की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि. की धारा 325/34 के तहत 06-06 माह का कारावास व 500-500 रूपये अर्थदण्ड एवं धारा- 323/34 के तहत 03-03 माह का कारावास की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अनिल  अहिरवार ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है षिकायतकर्ता/पीड़ित ने थाना बांदरी में रिपोर्ट लेख कराई कि  घटना दिनांक 06ध्02ध्2012 के 07रू00 बजे फरियादी अपनी चक्की चला रहा था। उसी समय पिट्टे आदिवासी, भरत आदिवासी, राजू आदिवासी आये और उससे बोले कि तुम्हारे जरेटा आ गये उनको देख लो। उसने कहा जरेटा आ गये है लकडी नही आई ,उसने कहा लकड़ी जा जाये तब पैसे देगे इतनी सी बात पर से पिट्टे ने लाठी मारी जो बांये कान के पास लगी तथा राजू ने दोनों हाथ व पीठ में लाठी मारी पिट्टे ने बायें कूल्हे में पत्थर मारा चोट लगी उसकी माँ मीरा बाई, बहिन उर्मिला बाई बचाने आई तो पिट्टे ने डण्डा मारा जो दाहिने हाथ में लगा राजू ने पीठ में डण्डा मारा जिससे उसकी मॉ मीराबाई को चोटे आई उसी समय रामराज मलखान व रज्जू आ गये जिन्होंने बीच बचाव किया था। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-बांदरी द्वारा  धारा-323/34 व 325/34 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय मे ंपेश किया। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मालथौन जिला-सागर सुश्री आरती आर्य की न्यायालय ने  आरोपी को दोषी करार देते हुये उपरोक्त सजा से दंडित किया है।

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