सागर,/जिला पंचायत सभाकक्ष में आजीविका मिशन की राज्य परियोजना प्रबंधक डॉक्टर सुषमा रानी शुक्ला ने जिले के सभी सीएलएस की पदाधिकारी महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में डॉ. शुक्ला ने संकुल स्तरीय फेडरेशन के सभी सदस्यों को लाड़ली बहना योजना के मुख्य फीचर्स समझाए। उन्होंने इन महिलाओं से अपील की कि वे जिले में गठित 15,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह के ग्राम संगठनों की बैठकों में इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करके महिलाओं को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिन महिलाओं को लाभ नहीं मिला है ,उन्हें भी आगे आने की आवश्यकता है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में वर्तमान में चल रही योजनाओं का महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ मिले ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके और आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सके। ज्ञातव्य है कि जिले में 40 से अधिक संकुल स्तरीय फेडरेशन है। आमतौर पर एक सीएलएफ 40 से 50 गांव के बीच में बनाया जाता है और इसके अध्यक्ष सचिव व अन्य पदाधिकारी लगभग 40 गांव का प्रतिनिधित्व करते हैं। आजीविका मिशन की ओर से अभिषेक रूसिया, बृजेंद्र नामदेव प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।
आजीविका मिशन की ओर से कम से कम एक महिला सदस्य को समूह से जुड़े जाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में रहली, देवरी, केसली, जैसीनगर, बीना, शाहगढ़ ,बंडा की पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा आजीविका मिशन के खंड स्तरीय अगले को भी इस प्रशिक्षण में आमंत्रित किया गया था ताकि वे भी महिलाओं के लिए लाभकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार में आगे आ सके।



