
सागर / समाज परिवर्तन के लिए शिक्षा अति आवश्यक है। उक्त विचार अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने उत्कृष्ट विद्यालय में समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 196 वीं जन्म जयंती के अवसर पर व्यक्त किए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनुविभागीय अधिकारी श्री विजय डहरिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अखिलेश पाठक, सहायक संचालक श्री अरविंद जैन, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीर तिवारी सहित अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. संजय शर्मा ने अपने व्यख्यान में बताया कि ज्योतिबा फुले 19 वीं सदी के उन प्रमुख समाज सुधारकों में शामिल है, जिन्होंने विश्व स्तर पर सम्पूर्ण मानवता को अपने समाज सुधार आन्दोलन से एक नई दिशा दी।
महात्मा फुले ने जातीय विषमता और स्त्री उपेक्षा को एक साथ मुद्दा बनाते हुए उनकी शिक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। उनका मानना था कि वंचित समुदाय और महिलाओं की स्थिति तब ही बदल सकती है, जब वे स्वयं शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन के लिए तैयार हो। अपने जीवन में थॉमस पैने की पुस्तक “राइट्स ऑफ़ मैन’ से प्रभावित होते हुए उन्होंने स्त्री-पुरुष के सामाजिक-आर्थिक विभेद को ख़ारिज किया। बालिकाओं और वंचित तबके की शिक्षा के लिए उन्होंने हंटर कमीशन के समक्ष अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
डॉ. शर्मा ने बताया कि महात्मा बुद्ध के बाद महात्मा फुले एक आधुनिक दार्शनिक के रूप में उभरते है, जिन्होंने समाज सुधार के लिए अपना एक स्वतंत्र प्रारूप और पद्धति शास्त्र विकसित किया। उनके द्वारा स्थापित सत्य शोधक समाज, धर्मं और सामाजिक संरचनाओं को वैज्ञानिक चिंतन की कसौटी पर परखने का उपक्रम था. वे एक ऐसे वैज्ञानिक और चिंतनपरक समाज का निर्माण करना चाहते थे जहाँ न्याय, बंधुता और समता एक मूल्य के रूप में विद्यमान हो।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती सपना त्रिपाठी ने महात्मा फुले के शिक्षा सबंधी योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फुले दम्पति ने बालिकाओं, वंचित वर्ग आदि की शिक्षा के लिए सदैव प्रयास किया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री अखिलेश पाठक ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। आभार शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीर तिवारी ने माना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावक ने सहभागिता की।



