सागर

समूह से जुडकर रक्षा लोधी आत्मनिर्भर बनी, आय बढ़ी तो कार खरीदी

खुषियों की दास्ता

सागर/विकासखंड बंडा ग्राम नाहर मऊ की श्रीमती रक्षा लोधी ने अब कार खरीली है। स्व सहायता समूह से जुडकर उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया है। वे बताती है कि समूह से जुड़ने के पहले वह अपने ही खेतों में काम करती थी। उन्होंने बीए तक की पढ़ाई की है पर गांव में कोई अन्य विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें खेतों में काम करना जरूरी हो गया था। वर्ष 2016 में आजीविका मिशन से जुड़कर उन्होंने समूह में प्रवेश किया समूह की प्राथमिक सदस्यता और प्रशिक्षण के बाद उन्हें आजीविका मिशन की ओर से कियोस्क संचालन का दायित्व सौंपा गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने ऑनलाइन काम करने की सेवाएं शुरू की। इस दौरान उन्होंने समूह से ₹10000 लोन लिया और आमदनी होते ही उन्होंने अपनी खेती और पशुपालन के व्यवसाय को प्रशिक्षण में सीखे गए तरीकों को अपनाते हुए सुधारना शुरू कर दिया था। इससे उनकी खेती की आमदनी औसतन ₹10000 प्रतिमाह और किओस्क तथा ऑनलाइन कामों से उन्हें 8 से 9 हजार रुपया,, मिलना शुरू हो गया। फिर उन्होंने क्रमशः ₹40000 और ₹50000 लोन लिया। इससे उन्होंने खेती के साथ-साथ किराना दुकान भी शुरू कर दी। अब तो उनकी आमदनी और भी बढ़ चुकी थी। वह अपना किराने की दुकान, कियोस्क संचालक बैंक सखी जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों में लग गई है। आमदनी बढ़ी तो पहले उन्होंने जरूरतों को पूरा किया। लेकिन बाद में बारी आई अपने शौक पूरा करने की तो उन्होंने गतमाह अपने बच्चों की मांग पर कार खरीदी है।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य के अनुसार सागर जिले में महिला स्वयं सहायता समूह को बैंक लिंकेज के माध्यम से अधिक से अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वह आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button