सागर

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की तैयारियों को अंतिम रूप दें

सागर/  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पात्रताधारी महिला हितग्राहियों से 25 मार्च से आवेदन प्राप्ति का कार्य शुरू होगा। कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा बैठक के दौरान संबंधितों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आवेदन प्राप्ति से पूर्व समग्र, ई-केवायसी की कार्यवाही पूर्ण की जाए ताकि हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि जिले में तकनीकी समस्याओं के निदान हेतु प्रथक से दल गठित किया गया है जिसमें विभिन्न स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ई-केवायसी करने हेतु अधिकृत पंचायतों के सचिव या जीआरएस को कहीं कोई दिक्कत आती है तो तकनीकी समाधान के लिए तुरंत संपर्क करें। कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुले रहेंगे ताकि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदनों को दाखिल कराने में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि यदि एक व्यक्ति दो जगह के चार्ज पर है तो उसे आईडी, पासवर्ड एक जगह की ही दी जाएगी। दूसरी जगह की आईडी अधीनस्थ सचिव, जीआरएस को प्रदाय की जाएगी। इसी प्रकार की कार्यवाही निकाय क्षेत्रों में भी क्रियान्वित की जाएगी।
कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि  निकाय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारियों के लिए अधिक से अधिक आईडी जनरेट करें। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नोडल व सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। नोडल का दायित्व जिलाधिकारियों को सौंपा जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर रोज की कार्यवाही का अपडेट डाटा सांय सात बजे तक   उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए आवश्यक समग्र, ई-केवायसी, डाटा अपडेशन का कार्य लोकसेवा केन्द्र, सीएससी सहित अन्य सरकारी केन्द्रों पर निशुल्क सुविधा के तहत मुहैया कराया जाएगा।
कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि महिला एव बाल विकास विभाग के भी आधार सेंटर जिले में संचालित हो रहे हैं। इन केन्द्रों पर भी हितग्राही पहुंचकर तकनीकी पहलुओं को अपडेशन करा सकते हैं।
कलेक्टर श्री आर्य ने बताया कि आधार और समग्र आईडी के डाटा आपस में एक समान होना चाहिए। यदि समग्र आईडी में आधार के अनुसार डाटा नहीं है तो सुधार कार्य समग्र आईडी में ही कराया जाए। चूंकि आधार कार्ड में अपडेशन कार्य अधिकतम एक या दो बार तक ही किया जा सकता है। जबकि समग्र आईडी में जिला स्तर पर यह कार्य अनेक बार संभव है। अतः विषम परिस्थितियों में ही आधार कार्ड के डाटा में संशोधन करने के कार्य संपादित किए जाएं। खासकर आधार में यदि कहीं जेन्डर लिंग में भिन्नता है तो उसमें सुधार कार्य किया जाए। इस दौरान उपरोक्त क्रिया के क्रियान्वयन में निर्धारित विधि की भी जानकारी दी गई है।

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