सागर

नल जल योजना की ग्रामवार समीक्षा कार्य में विलंब करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि को कराएं बाउंड ओवर, पुलिस कार्रवाई होगी

अच्छा काम करने वाले 15 अगस्त को होंगे सम्मानित

सागर  नल जल योजनाओं के कार्य में विलंब करने वाले निर्माण एजेंसी के संबंधित प्रतिनिधियों को बाऊंड ओवर कर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करें। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने नल जल योजनाओं की ग्रामवार समीक्षा करते हुए दिए।
इस अवसर पर बंडा, शाहगढ़, बीना, राहतगढ,़ रहली के एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद थे ।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने सर्वप्रथम बंडा, सागर, बीना, राहतगढ़, रहली के नल जल योजना की ग्रामवार समीक्षा की। उन्होंने बंडा की 21, शाहगढ़ की 8, बीना की 25, राहतगढ़ की 63 एवं रहली की 32 ग्रामों की बिंदुवार समीक्षा की एवं निर्देश दिए कि जो एजेंसी कार्य करने में विलंब कर रही हैं, उनके संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधियों के खिलाफ बाउन्ड ओवर की कार्रवाई करें। बाउंड ओवर के बाद प्रतिदिन संबंधित थाना में कार्य के पश्चात अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि यदि कार्य में प्रगति नहीं आती है तो इन पर पुलिस कार्रवाई भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री आर्य ने निर्देश दिए बंडा विकासखंड की ग्राम पोली एवं राख ग्राम में कार्य करने वाली निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर टर्मिनेट करें एवं नया टेंडर तत्काल जारी करें।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने कहा कि जो निर्माण एजेंसी समय पर एवं गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करेंगी, उनको 15 अगस्त के मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित कराया जाएगा।  उन्होंने नल जल योजना के अंतर्गत प्रमुख रूप से सैंपल, टंकी, नल कनेक्शन, पाइप लाइन, पानी की मोटर, बोरवेल आदि की समीक्षा की एवं निर्देश दिए कि कार्य के उपरांत सड़क का रि-स्टोरेशन गुणवत्ता के साथ 4 इंची किया जावे। जिससे सड़क आने वाले समय में क्षतिग्रस्त न हो। उन्होंने कहा कि नल जल योजना के अंतर्गत नल कनेक्शनों का कार्य पूर्ण होने पर पोर्टल पर फीडिंग का कार्य शीघ्रता से करें ।
कलेक्टर श्री आर्य ने कहा कि किसी भी स्थिति में किसी भी ग्राम पंचायत एवं ग्राम में आने वाली ग्रीष्म ऋतु में पानी की समस्या नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राम या ग्राम पंचायत में पानी की समस्या आती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि अभी से पूरी कार्य योजना तैयार करें, जिससे कहीं भी पेयजल के परिवहन की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ती है तो संबंधित ग्राम में कोई निजी पेयजल का स्रोत मिलता  है तो उसे तत्काल अधिकृत करें, जिससे कि ग्रामवासियों को पानी उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर श्री दीपक आर्य  ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1 वर्ष से अधिक की योजनाओं की भी समीक्षा की।

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