सागर
बरोदिया कलां वैष्णोदेवी दरबार और मालथौन किला वाली मां महाकाली को श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने 56 भोग अर्पित किए

मालथौन/बरोदिया कलां। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने मालथौन किला प्रांगण में विराजमान प्राचीन माता महाकाली मंदिर और बरोदिया कलां की पहाड़ी पर विराजमान मां वैष्णोदेवी मंदिर पहुंच कर देवी मैया के दर्शन आरती में हिस्सा लिया और दोनों स्थानों पर छप्पन महाभोग अर्पित कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के देवी उपासक और श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
नवरात्र के पावन दिनों में माता वैष्णोदेवी, मां भद्रकाली महाकाली के मंदिरों में महाभोग के रूप में छप्पन भोग का आयोजन किया जाता है। नौ दिनों की कठिन साधना और व्रत के बाद, भक्त माता रानी के प्रति अपना अगाध प्रेम प्रकट करने और अपनी पूजा की पूर्णता (पूर्णाहुति) के रूप में यह भव्य थाल सजाते हैं। देवी मां को छप्पन भोग लगाना केवल भोजन अर्पित करना नहीं, बल्कि भक्तों की ओर से माँ से यह प्रार्थना करना है कि “हे मैया, इस संसार में जो कुछ भी सुंदर, मधुर और पोषक है, वह सब आपका ही दिया हुआ है और हम इसे आपके ही चरणों में श्रद्धापूर्वक समर्पित करते हैं।” मान्यताओं के अनुसार, देवी के मुख्य स्वरूप के अंतर्गत 56 उप-शक्तियां या योगिनियां ब्रह्मांड का संचालन करती हैं। सनातन परंपरा में कुल 56 करोड़ देवी-देवताओं की सूक्ष्म उपस्थिति मानी गई है। महाकाली और माता वैष्णोदेवी को छप्पन भोग लगाने का अर्थ है कि ब्रह्मांड की सभी सूक्ष्म दैवीय शक्तियों को एक साथ तृप्त करना है।