सागर

“रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सागर द्वारा केन्द्रीय जेल सागर में बंदियों को दिया गया 12 दिवसीय जूट प्रशिक्षण

सागर /
केन्द्रीय जेल सागर में निरूद्ध बंदियों के कौशल विकास, कार्यकुशलता में वृद्धि तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक एवं व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना महत्वपूर्ण है, इसी क्रम में रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सागर द्वारा जूट से विभिन्न उपयोगी वस्तुओं के निर्माण के माध्यम से दिनांक 29 सितम्बर से 12 अक्टूबर, 2026 तक 14 दिवसीय तक बंदियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
बंदियों को जूट जैसे पर्यावरण अनुकूल एवं उपयोगी कच्चे माल से दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान करने की परिकल्पना है, इसके माध्यम से ‘बंदियों को कार्य करने की नई तकनीकों, वस्तुओं की गुणवत्ता बनाये रखने, निर्माण प्रक्रिया तथा उत्पादन संबंधी व्यवहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
बंदियों के कौशल विकास में संभावित लाभ इस गतिविधि के माध्यम से बंदियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि हो सकेगी एवं नियमित रूप से कार्य करने से उनमें समय प्रबंधन, सामूहिक कार्य, गुणवत्ता नियंत्रण तथा उत्पाद संबंधी क्षमताओं का विकास किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण के प्रमुख उद्देश्य के अंतर्गत बंदियों को जूट से विभिन्न उपयोगी वस्तुओं के निर्माण में प्रशिक्षित करना, बंदियों के कौशल, कार्यक्षमता एवं रचनात्मकता का विकास करना, पर्यावरण अनुकूलन उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना तथा बंदियों को रिहाई के पश्चात रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने हेतु तैयार करना।
जूट प्रशिक्षण एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जूट के थैले एवं शापिंग बैग, फाइल कवर एवं दस्तावेज रखने के बैग, सजावटी वस्तुएं एवं हस्तशिल्प सामग्री, टेबल मैट एवं अन्य घरेलू . उपयोगी वस्तुएं का निर्माण किये जाने से प्रशिक्षित किया गया है, इससे बंदियों की कार्यक्षमता विकसित करने आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा रिहाई के पश्चात उनके पुनर्वास की संभावनाओं को बढाने में सहायता मिल सकती है।
केन्द्रीय जेल सागर में आयोजित जूट प्रशिक्षण के संबंध में श्री रमेशचंद्र आर्य, जेल अधीक्षक जी के द्वारा रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सागर की निर्देशक श्रीमती नीलिमा जैन एवं अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

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