श्री वर्द्धमान जैन कला मंडल का स्वर्ण जयंती समारोह संपन्न, वरिष्ठजनों को मिली “गौरव स्तंभ” की उपाधि
54 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का मनाया उत्सव गया.....

टीकमगढ़। श्री वर्द्धमान जैन कला मंडल (श्री वर्द्धमान जैन ग्रुप — स्वर्ण पदक विजेता) का स्वर्ण जयंती समारोह, गिरनार रेस्टोरेंट, टीकमगढ़ में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। संस्था की 54 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में संस्था से जुड़े सदस्यों का आत्मीय मिलन हुआ। इस दौरान सदस्यों ने बीते वर्षों की सुनहरी यादों एवं मधुर संस्मरणों को साझा कर पुरानी स्मृतियों को पुनः जीवंत किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण संस्था की स्थापना, विकास एवं गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान देने वाले वरिष्ठजनों का सम्मान रहा। संस्था की ओर से इन वरिष्ठजनों को “गौरव स्तंभ” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह उपाधि संस्था की 54 वर्षों की यात्रा में उनके समर्पण, योगदान और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक रही। सम्मानित होने वाले वरिष्ठजनों में श्री उदयचंद्र सुनवाहा, श्री पं. श्रीनंदन जैन, श्री पं. सुरेश जैन पिपरा, श्री पं. दिनेश दिवाकर, श्री फूलचन्द कारी, श्री सुभाष जैन (वकील साहब), श्री चंद्रकांत मैनवार, श्री प्रवीण कारी, श्रीमंत सेठ नरेंद्र सर्राफ मैनवार, श्री अशोक धमासिया, श्री ऋषभ कुमार हीरापुर एवं श्री रूपेश जैन (भजन सम्राट) शामिल रहे।
इसी क्रम में समाज के लिए गौरव का विषय रही कु. रिमी जैन, जिनका चयन मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में हुआ है, का भी विशेष सम्मान कर उनकी उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया गया। उनकी सफलता को समाज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
दिवंगत संस्थापक एवं सदस्यों को मरणोपरांत श्रद्धांजलि एवं सम्मान
समारोह में संस्था ने अपनी परंपरा, इतिहास और पूर्वजों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन सदस्यों को भी भावपूर्ण स्मरण किया, जो आज हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, लेकिन जिनका योगदान संस्था की नींव और गौरवशाली यात्रा में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ऐसे दिवंगत सदस्यों को मरणोपरांत सम्मानित करते हुए उनके परिजनों को सम्मान प्रदान किया गया।
इनमें संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक श्रीमंत सेठ दयाचंद जैन मैनवार, पं. श्री बालचंद्र जी मस्तापुर, श्री चिंतामण जी कारी, श्री उत्तमचंद बिल्ला, श्री सनत जैन बानपुर, श्री विनोद जैन हौजरी, श्री भागचन्द जैन जरूआ, श्री कपूरचंद समर्रा, श्री बच्चूलाल चाट वाले, श्री गुलाब वैद्य (गुल्ले), श्री नाथूराम नामदेव, श्री संदीप हटा, श्री विद्यापति भट्ट, श्री अंशुल जैन (मोनू) एवं श्री कुच्चे खान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारजनों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत विभूतियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि किसी भी संस्था की पहचान केवल उसके वर्तमान कार्यों से नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों के त्याग, समर्पण और विचारों से होती है, जिन्होंने उसकी मजबूत नींव रखी। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति…
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री यादवेन्द्र सिंह बुन्देला जी (विधायक एवं पूर्व मंत्री, मध्यप्रदेश शासन), श्री के. के. श्रीवास्तव जी (पूर्व विधायक) एवं धर्मरत्न श्रीमंत सेठ बाबूलाल मैनवार जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री महेश जैन निराला ने किया। स्वागत भाषण श्रीमंत सेठ अभिषेक जैन मैनवार द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि कार्यक्रम के अंत में श्री आशीष कारी ने उपस्थित अतिथियों, वरिष्ठजनों, सदस्यों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह के समापन के पश्चात सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक भोज का आनंद लिया। संपूर्ण आयोजन आत्मीयता, सम्मान, स्मृतियों और सामाजिक एकजुटता का सुंदर संगम रहा।
संस्था का संदेश — “वरिष्ठजन हमारी विरासत हैं, उनका सम्मान हमारा गौरव है और उनका मार्गदर्शन हमारा भविष्य।”
