भोपालसागर

 सामाजिक समरसता के लिए 1000 कुटुंबकम परिवार किए जा रहे हैं तैयार    – केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पटेल

जल स्रोत विहीन ग्रामों में पानी की उपलब्धता के लिए लगातार किए जा रहे हैं प्रयास  बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं

सागर/  जल स्रोत विहीन ग्रामों में पानी की उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। सामाजिक समरसता के लिए 1000 कुटुंबकम परिवार तैयार किए जा रहे हैं। यह बात केंद्र सरकार के जलशक्ति खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल स्रोत विहीन ग्रामों को चिन्हित कर उन्हें अलग से योजना तैयार कर ग्रामवासियों को पानी उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है उन्होंने कहा कि कोई भी ग्राम जल अभावग्रस्त नहीं रहेगा । उन्होंने कहा कि अभी दमोह संसद क्षेत्र में 70 प्रतिशत परिवारों को एवं सागर में 66 प्रतिशत परिवारों को जल निगम के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का कार्य चल रहा है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जल निगम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामों के परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अभी बक्सवाहा एवं तेंदूखेड़ा में अत्यंत पेयजल संकट के कारण जल निगम के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है उन्होंने कहा कि इसी प्रकार बंडा नगरीय क्षेत्र में भी पेयजल की समस्या है इसको भी जल निगम के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा ।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए विभाग के माध्यम से कार्य प्रारंभ किए गए हैं। जो कार्य चल रहे हैं उनको प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया है । मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इसी प्रकार बुंदेलखंड की संस्कृति भी मध्यप्रदेश के साथ देश में अपना विशेष स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड संस्कृति को देश की संस्कृति पटल पर अंकित कराने के लिए प्रयास जारी हैं।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड में पुरातत्व संपदा को संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं । मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए 1000 कुटुंबकम परिवार तैयार किए जा रहे हैं जिससे इन परिवारों की माध्यम से सामाजिक समरसता बनाए रखने का कार्य प्रारंभ होगा ।

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