
सागर, / मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई ने बुधवार को प्रातः काल सागर नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी द्वारा कराए जा रहे विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर संभागायुक्त डॉ वीरेंद्र सिंह रावत, कलेक्टर श्री दीपक आर्य, नगर निगम कमिश्नर सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ श्री चंद्र शेखर शुक्ला, अपर आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री सत्येंद्र सिंह, संयुक्त संचालक नगरीय विकास एवं आवास श्री हिमांशु भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
प्रमुख सचिव श्री मंडलोई ने नगर निगम द्वारा मेनपानी में बनाए गए पीएम आवास का निरीक्षण कर इनके अलॉटमेंट आदि की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यहां बनाई गई ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिला बिल्डिंगों में दी गई सुविधाओं का स्थल निरीक्षण करते हुए कहा की यहां लगभग 800 परिवारों के 3000 लोग आकर रहेंगे। इनकी सभी मूलभूत आवश्यकताओं का समुचित प्रबंध करें। यहां कॉमन फैसेलिटीज जैसे डिस्पेंसरी, कम्युनिटी सेंटर, पार्क एंड प्ले एरिया, स्पोर्ट फैसेलिटीज आदि की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस आवासीय केंपस में ही एक संजीवनी क्लीनिक बनाएं और प्राइमरी स्कूल का भी प्रावधान करें ताकि यहां के बच्चों को नजदीक ही स्कूल की सुविधा मिल सके। उन्होंने यहां की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति एवं सीवर सिस्टम आदि की भी जानकारी ली।
प्रमुख सचिव श्री मंडलोई ने स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत न्यू आरटीओ के पास बनाए जा रहे पेरीफेरी बस स्टैण्ड का स्थल निरीक्षण करते हुए यहां आईएसबीटी मानकों अनुसार विकसित की जा रहीं सुविधाओं की मौके पर ही ड्राइंग -डिजाइन के माध्यम से समीक्षा की। उन्होने यहां लगभग 100 बसों की अनुमानित आवाजाही के अनुसार विकसित की जा रहीं सुविधाओं जैसें की बस हॉल्टिंग एरिया, वर्कशॉप एरिया, वाहन पार्किंग एरिया, पब्लिक स्पेस, टिकिट काउंटर एवं मैनेजर रूम, वेटिंग एरिया, बैठक व्यवस्था, टॉयलेट व्यवस्था, कमर्शियल स्पेस, डॉरमेट्रीज आदि सहित परिसर डेवलपमेंट की विस्तार से समीक्षा की। इस बस स्टैण्ड के पास ही प्रस्तावित सिटी बस डिपो की जानकारी पाकर उन्होने कहा की इन दोनो के बीच रेंप आदि बनाकर बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करें ताकि यात्रीगण अपने सामान के साथ आसानी से आ-जा सकें।
प्रमुख सचिव श्री मंडलोई ने न्यू आरटीओ के पास ही बनाए जा रहे 40 बेडेड ओल्ड ऐज होम का निरीक्षण कर सराहना करते हुए कहा की यह शहर के लिए एक यूनिक प्रोजेक्ट है। फस्टऐड रूम जैसी मेडिकल सुविधाओं सहित समय-समय पर डॉक्टर्स की सेवाओं, उत्तम बैठक व्यवस्था सहित डायनिंग एरिया व वृद्धजन हेतु आवश्यक न्यूट्रिशन वाला भोजन तैयार करने के लिए किचिन, योगा हॉल, मनोरंजन हॉल, लाइब्रेरी, यूटीलिटी एरिया, ओपन स्पेस, हरियाली युक्त पाथ-वे, सर्वसुविधायुक्त टॉयलेट आदि सुविधाओं से यहां आने वाले वृद्धजन के लिए यह आनंदाश्रम होगा। यहां बनाए जा रहे जिम एरिया को फिजियोथेरेपी रूम की तरह विकसित करें। इस आकर्षक बिल्डिंग के बीच में दिए गए ओपन स्पेस पर नेचुरल घास लगाकर सिटिंग एरिया बनाएं। इस ओल्ड ऐज होम के पास ही आंगनबाड़ी का प्रावधान करें या चाइल्ड डे-केयर रूम बनाएं यह एक मिक्स डिजाइन प्रोजेक्ट की तरह कार्य करेगा। छोटे-छोटे बच्चों की आस-पास चहलकदमी से यहां रहने वाले वृद्धजन की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उनके मूल्यवान समय को और खुशहाल व बेहतर बनाया जा सकेगा।
उन्होने लाखा बंजारा झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भी स्थल निरीक्षण कर मौके पर ही ड्राइंग -डिजाइन के माध्यम से समीक्षा की।
उन्होने कहा की इस सुंदर झील के चारो ओर बनाए जा रहे पाथ-वे को नेचुरल मटेरियल डिजाइन की अधिकता रखते हुए विकसित करें। कुल साढ़े पांच किलोमीटर के इस वॉक-वे में मिक्स एंड मेच पाथ-वे डिजाइन को अपनाते हुए अलग-अलग थीम पर स्थलों को तैयार करें और चारों ओर छायादार वृक्ष लगाएं। ताकि यहां आने वालों को प्राकृतिक वातावरण का लाभ मिले। भविष्य में इसके बेहतर रखरखाव हेतु रेवेन्यू मॉडल भी प्लान करें।
इसके साथ ही उन्होने चकराघाट से दीनदयाल चौराहे तक निर्माणाधीन ऐलीवेटेड कॉरीडोर का भी निरीक्षण किया व इसके ट्रैफिक प्लान, यहां से डायवर्ट होने वाले टैफिक सहित निर्माण में अपनाई जा रही तकनीक की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा की इस झील और ऐलीवेटेड कॉरीडोर का पूरी तरह निर्माण हो जाने के बाद एक सुंदर नजारा यहा से देखने को मिलेगा।
उन्होने खेल परिसर मैदान में स्मार्ट सिटी द्वारा किए गए विकासकार्यों का भी निरीक्षण करते हुए बेहतर निर्माण कार्य की सराहना की। राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय मानकों अनुसार विकसित की गई खेल सुविधाओं 400 मीटर 8 लेन सिंथेटिक ऐथेलेटिक ट्रैक, हॉकी टर्फ ग्रास मैदान, नेचुरल ग्रास सहित फुटबाल मैदान, बास्केटवॉल कोर्ट, टैनिस कोर्ट, मल्टिपर्पस कोर्ट सहित अन्य खेलों हेतु फील्ड तैयार करने के लिए निर्माण में उपयोग किए गए मटेरियल की जानकारी ली एवं यहां के खिलाड़ियों को मिलने वाली सर्वोत्तम खेल व्यवस्थाओं को देख कर सराहना की। इसके साथ ही उन्होने सिटी स्टेडियम एवं एसएमसी बिल्डिंग के विकासकार्यों की भी जानकारी ली।
उन्होंने सागर में स्वच्छता हेतु किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया ,प्रातःकालीन साफ-सफाई व्यवस्था को देखा व डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन गाड़ियों से एकत्रित कचरे की प्रोसिंग व्यवस्था को देखने के लिए मसवासी ग्रंट में बने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का भी निरीक्षण किया उन्होंने यहां कचरे से कम्पोस्ट बनाने आदि प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी ली और कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।



