भोपालसागर

निषादराज ने चारों राजकुमारों को जंगली जानवर के हमले से बचाया तो दशरथ ने माना पांचवां पुत्र

वनवासी लीला में कलाकारों ने रामकथा की सजीव प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया

सागर,/संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से जिला कलेक्टर श्री दीपक आर्य के कुशल निर्देशन में तीन दिवसीय वनवासी लीला कार्यक्रम पीटीसी ग्राउंड में शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.सी. शर्मा, संभागीय उपायुक्त जनजाति कार्य विभाग संभाग श्री आर.के. श्रोती ने सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलित एवं कन्या पूजन कर किया।
इसके बाद निषादराज गुहा के निर्देशक दुर्गेश सोनी बरही के निर्देशन में कलाकारों द्वारा रामकथा पर प्रस्तुति दी गई। मंच पर कलाकारों ने भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया। इससे पहले कलाकारों ने गणेश वंदना और हनुमान जी की वंदना भी सजीव रूप से प्रस्तुत की। मंच पर कलाकारों ने निषादराज की कथा का मंचन करते जंगल में राम, लक्ष्मण, भारत और शत्रुघ्न जंगल में चारों भाई भ्रमण कर रहे थे। तभी उन पर एक जंगली जानवर ने हमला कर दिया, तब निषादराज ने आकर चारों राजकुमारों को बचाया। साथ ही उक्त जंगली जानवर को भगा दिया। आवाज सुनकर राजा दशरथ भी मौके पर आ गए। तब राजकुमारों ने पिता को बताया कि निषादराज ने हमें जंगली जानवर से बचाया है। ऐसी स्थिति में राजा दशरथ ने निषादराज को अपना पांचवां पुत्र मान लिया। इस तरह कलाकारों ने भगवान राम की कथा का सजीव चित्रण करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह त्रिदिवसीय कार्यक्रम 31 मई तक पीटीसी ग्राउंड सागर में आयोजित होगा। जिसमें द्वितीय दिन भक्तिमती शबरी नाटिका का मंचन होगा जिसका निर्देशन सविता दहिया उमरिया का है तृतीय दिन लछमन चरित का मंचन होगा जिसका निर्देशन बृजेश रिछारिया सागर का होगा। संगीत संयोजन मिलिंद त्रिवेदी और आलेख योगेश त्रिपाठी जी का है।
कार्यक्रम के अंत में नाटिका के पात्रों और निर्देशक श्री दुर्गेश सोनी का सम्मान किया गया।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शालिनी जैन ने किया।आभार प्रदर्शन श्री अशफाक खान ने किया।

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