जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में जल्द शुरू होगा समर्पित विद्युत सब-स्टेशन, 24 घंटे मिलेगी बिजली

टीकमगढ़/ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक संपन्न, मरीजों की सुविधाओं के विस्तार एवं अस्पताल के जीर्णोद्धार संबंधी प्रस्तावों पर हुई चर्चा कचरा संग्रहण क्षेत्र को शेड से ढकने और प्रतिदिन कचरा उठाने के निर्देश, जन शीतल आश्रय में प्रायोगिक तौर पर शुरू होगी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री विवेक श्रोत्रिय ने की। बैठक में अस्पताल के समर्पित विद्युत सब-स्टेशन को 15 दिन में चालू करने, कचरा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार, कैंटीन शुरू करने तथा विभिन्न मरम्मत एवं विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
15 दिन में चालू होगा समर्पित विद्युत सब-स्टेशन
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने जिला चिकित्सालय के लिए स्थापित समर्पित विद्युत सब-स्टेशन को 15 दिन के भीतर चालू कराने के निर्देश दिए। इसके लिए विद्युत ट्रांसमिशन एवं वितरण कंपनी, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी तथा लोक निर्माण विभाग (ईएनएम) को अपनी आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सब-स्टेशन चालू होने से अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा सीटी स्कैन सहित अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं बिजली संबंधी समस्याओं के कारण प्रभावित नहीं होंगी।
कचरा प्रबंधन व्यवस्था में होगा सुधार
अस्पताल परिसर में कचरा संग्रहण क्षेत्र को शेड से ढकने के निर्देश दिए गए, ताकि कचरे से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध बाहर न फैले और परिसर में स्वच्छता बनी रहे। नगर पालिका को प्रतिदिन अस्पताल से कचरा उठाने के निर्देश दिए गए हैं। कचरा उठाव की नियमितता सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैग फोटो के माध्यम से कार्य की रिपोर्टिंग भी की जाएगी।
जन शीतल आश्रय में प्रायोगिक तौर पर शुरू होगी कैंटीन
जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जन शीतल आश्रय में प्रायोगिक तौर पर कैंटीन शुरू करने की योजना पर चर्चा की गई। इसके संचालन के लिए स्वयं सेवी संस्था को जिम्मेदारी सौंपकर व्यवस्था शुरू करने की योजना है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मरम्मत एवं मरीज सुविधाओं के विस्तार के प्रस्तावों पर चर्चा
बैठक में सर्जिकल एवं मेडिकल वार्ड के प्रसाधनों के पुनर्निर्माण और रखरखाव, जिला चिकित्सालय के विभिन्न कक्षों में वॉटर प्रूफिंग एवं मरम्मत कार्य तथा भंडार कक्ष की छत की मरम्मत और शेड निर्माण संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय के सभी कक्षों में वॉटर प्रूफिंग का कार्य कराया जाए, जिससे भवन को सीलन एवं पानी के रिसाव से सुरक्षित रखा जा सके।
मरीजों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर, स्ट्रेचर तथा कार्यालयीन उपयोग के लिए चेयर एवं टेबल सहित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रस्ताव भी रखे गए। इसके अतिरिक्त एमआरडी सेक्शन के लिए अलमारी, कंप्यूटर, प्रिंटर एवं जीआई बॉक्स क्रय करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
लिफ्ट सुधार के बाद ही होगा भुगतान, नाली निर्माण में तकनीकी मानकों का ध्यान रखने के निर्देश
बैठक में बंद पड़ी मैटरनिटी वार्ड की लिफ्ट के सुधार कार्य का प्रस्ताव रखा गया। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने संबंधित एजेंसी से संपर्क कर लिफ्ट की मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद ही भुगतान किया जाए।
अस्पताल परिसर में नाली निर्माण के संबंध में कलेक्टर ने निरीक्षण के उपरांत लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि नाली का निर्माण उपयुक्त ढलान एवं जल निकासी की आवश्यक व्यवस्था का समुचित आकलन करने के बाद ही किया जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या उत्पन्न न हो।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान
अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करने के लिए ‘बेस्ट एंप्लॉई ऑफ द मंथ’ अर्थात ‘माह का सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी’ सम्मान शुरू करने के निर्देश दिए गए। इस व्यवस्था के अंतर्गत नर्स, सफाईकर्मी सहित मरीजों की सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना और अस्पताल में सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।
बैठक में रोगी कल्याण समिति के वित्तीय कार्यों की समीक्षा एवं अनुमोदन भी किया गया। बैठक में जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित, आधुनिक एवं जनोपयोगी बनाने के लिए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया गया।बैठक में सिविल सर्जन डॉ अमित शुक्ला, सीएमएचओ डॉ अमित चौधरी सहित समिति के सदस्य एवं जिला चिकित्सालय का स्टाफ उपस्थित रहा।

