मध्य प्रदेश

पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

सागर/अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय, सागर में मेरा युवा भारत (MY Bharat), सागर के सहयोग से आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने तथा स्वयं के साथ दूसरों की जान बचाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चीफ फायर ट्रेनर श्री ए.के. सिंह ने लाइव डेमो के माध्यम से एलपीजी गैस रिसाव, बाढ़, भूकंप तथा भवन में आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, आग लगने पर सुरक्षित बाहर निकलने, गैस रिसाव की स्थिति में आवश्यक सावधानियां बरतने तथा आपदा के दौरान घबराने के बजाय सही निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा के समय थोड़ी-सी सतर्कता और सही जानकारी से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि दुर्घटना या आपदा से प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों की सहायता किस प्रकार की जानी चाहिए तथा राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है।
विद्यार्थियों को दी गई आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारत के प्रमुख आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
– 112 — एकीकृत आपातकालीन सहायता एवं पुलिस सहायता
– 101 — अग्निशमन सेवा
– 108 — एम्बुलेंस एवं चिकित्सा आपातकाल
– 102 — एम्बुलेंस सेवा
– 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन
– 181 — महिला हेल्पलाइन
– 14416 — टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य सहायता
विद्यार्थियों को इन नंबरों को याद रखने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इनके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
आपदा प्रबंधन में जन-जागरूकता आवश्यक : डॉ. आर.सी. प्रजापति
कार्यक्रम में डॉ. आर.सी. प्रजापति ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। यदि लोगों को समय रहते बचाव के उपायों और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी हो, तो वे स्वयं को, अपने परिवार को और समाज के अन्य लोगों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण महत्वपूर्ण : डॉ. सत्य सोनी
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सत्य सोनी ने आभार व्यक्त किया तथा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है। इससे वे आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अन्य लोगों की सहायता करने में भी सक्षम बनेंगे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं, आयोजकों, महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित
इस अवसर पर डॉ. साहिवा नासिर, डॉ. साकेत जैन, महाविद्यालय का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न लाइव डेमो के माध्यम से आपदा से बचाव एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूक करना, उनमें सुरक्षा संबंधी व्यवहार विकसित करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित करना रहा।
क्रमांक198/3033/2026

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