सागर
मबई स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर छिपा था जहरीला कोबरा, दो दिन से दहशत में थे मरीज और स्वास्थ्यकर्मी

टीकमगढ़। जिले के मबई स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के गेट के पास बने छेद में छिपे सांप को देखकर स्वास्थ्यकर्मी और मरीज घबरा गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कोबरा का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों ने सांप दिखाई देने पर डीएफओ राजाराम परमार को सूचना दी। उनके निर्देश पर वनरक्षक दीपेश प्रजापति और डिप्टी रेंजर राहुल वर्मा मौके पर पहुंचे। वनरक्षक दीपेश प्रजापति ने काफी मशक्कत के बाद अस्पताल के गेट के पास छेद में छिपे कोबरा को बाहर निकाला। स्वास्थ्य केंद्र की कर्मचारी रजनी रजक ने बताया कि कोबरा के छिपे होने से अस्पताल के स्टाफ और मरीजों में डर का माहौल था। कर्मचारियों के मुताबिक, दो दिन पहले भी इसी स्थान पर सांप दिखाई दिया था। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
सर्प विशेषज्ञ दीपेश प्रजापति ने दी सावधानी बरतने की सलाह सर्प विशेषज्ञ दीपेश प्रजापति ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में ब्लैक कोबरा को स्थानीय भाषा में ‘करिया सांप’ भी कहा जाता है। इसके जहर में न्यूरोटॉक्सिन होता है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लें।
अस्पताल परिसर में दोबारा सांप दिखाई देने की जानकारी के बाद परिसर की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।