सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासतों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ
सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में प्राचीन बर्तन, कृषि उपकरण, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और हस्तलिखित कहावतों का किया गया प्रदर्शन

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा—ऐसी प्रदर्शनियां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
सागर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय के संस्थापक श्री दामोदर अग्निहोत्री द्वारा बुंदेलखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक शिक्षाप्रद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ सागर विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने किया।
प्रदर्शनी में बुंदेलखंड की समृद्ध परंपराओं और प्राचीन जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक एवं पुरातन वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। इसमें पुराने बर्तन, कृषि कार्यों में उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक उपकरण, घरों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं तथा पुराने डाक पत्रों सहित पत्तों पर हस्तलिखित कहावतों को विशेष रूप से स्थान दिया गया। इन वस्तुओं के माध्यम से बुंदेलखंड के ग्रामीण जनजीवन, पारंपरिक ज्ञान, कृषि संस्कृति और तत्कालीन सामाजिक व्यवस्थाओं की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जानी जाती है। हमारे पूर्वजों द्वारा दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली वस्तुएं केवल पुरानी चीजें नहीं हैं, बल्कि वे हमारे इतिहास, परिश्रम, जीवनशैली और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। इन वस्तुओं के माध्यम से हम अपने अतीत को समझ सकते हैं और जान सकते हैं कि समय के साथ हमारा समाज किस प्रकार विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को सहेजकर रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस प्रकार की प्रदर्शनियां बच्चों और युवाओं को अपनी ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक और गौरवान्वित करती हैं।
