सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी
स्ट्रॉ बेलर मशीन से बदली खेती की तस्वीर, नरवाई प्रबंधन से किसानों को मिल रही अतिरिक्त आय
श्री हेमराज मिश्रा हर वर्ष गेहूं की कटाई के बाद किसानों से पराली खरीदते थे, लेकिन पर्याप्त भंडारण व्यवस्था और स्थान की कमी के कारण वे अधिक मात्रा में भूसा नहीं खरीद पाते थे। खरीदार नहीं मिलने पर कई किसान खेतों में नरवाई जला देते थे, जिससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होने के साथ पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न होती थी।
इस समस्या के समाधान के लिए श्री मिश्रा ने कृषि मेले में हाइड्रोलिक प्रेस स्ट्रॉ बेलर मशीन देखी। यह मशीन भूसे को दबाकर छोटे और मजबूत गट्ठरों (बेल्स) में तैयार करती है, जिन्हें कम स्थान में रखा जा सकता है और आसानी से परिवहन कर बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने शासन की योजना के अंतर्गत अनुदान पर यह मशीन प्राप्त की और अपने व्यवसाय के माध्यम से क्षेत्रीय किसानों से अधिक मात्रा में भूसा खरीदना शुरू किया।
इस पहल से किसानों को नरवाई का उपयोग करने और उससे अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिला है। साथ ही, पराली जलाने की आवश्यकता कम करने में भी मदद मिल रही है। नरवाई का उचित प्रबंधन होने से खेतों की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण प्रदूषण कम करने में सहायता मिलती है।