सागर

संजरा स्कूल में बालिका शौचालयों की बदहाली, बीआरसी के निरीक्षण पर उठे सवाल

तीन शौचालय जर्जर, एक ही उपयोग के लायक होने का दावा; ग्रामीणों ने लगाए निरीक्षण में खानापूर्ति के आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

गढ़ाकोटा/संजरा (रहली), । शासन द्वारा सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, साफ-सफाई और छात्राओं के लिए सुरक्षित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत संजरा के शासकीय एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बुधवार को जनपद शिक्षा केंद्र रहली के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) आर.डी. अहिरवार के निरीक्षण के बाद विद्यालय के बालिका शौचालयों की वास्तविक स्थिति को लेकर विवाद सामने आया है।
तीन शौचालय जर्जर, छात्राओं की सुविधा पर सवाल
स्थानीय पत्रकारों द्वारा मौके पर की गई पड़ताल के अनुसार, विद्यालय परिसर में स्थित चार शौचालयों में से केवल एक ही उपयोग के लायक बताया गया, जिसका उपयोग शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा भी किया जाता है। वहीं, शेष तीन शौचालयों की हालत खराब पाई गई। इन शौचालयों के दरवाजे टूटे और जर्जर बताए जा रहे हैं, जिसके चलते छात्राओं के लिए इनका सुरक्षित एवं सुविधाजनक उपयोग करना मुश्किल है।
ऐसे में सवाल उठता है कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा आखिर कैसे मिल रही है? विद्यालय में शौचालयों की खराब स्थिति छात्राओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर संबंधित विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
निरीक्षण में सब कुछ ठीक बताए जाने पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, बीआरसी आर.डी. अहिरवार ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के बालिका शौचालयों और बाथरूम की स्थिति सही बताई। हालांकि, स्थानीय पत्रकारों द्वारा मौके पर की गई पड़ताल में तीन शौचालयों की हालत खराब होने की बात सामने आई। निरीक्षण के दौरान बताई गई स्थिति और मौके पर दिखाई देने वाली परिस्थितियों में अंतर होने के कारण अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं को सही बताना नहीं, बल्कि कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाना होना चाहिए। यदि विद्यालय में शौचालयों की स्थिति खराब है, तो उसे दर्ज कर सुधार के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अब 28 अक्टूबर को बीआरसी आर.डी. अहिरवार विद्यालय पहुंचे, लेकिन स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, शौचालयों की वास्तविक स्थिति और निरीक्षण में बताई गई स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय योजना की जानकारी पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान जब बीआरसी से प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय योजना के संबंध में जानकारी पूछी गई, तो उनके द्वारा योजना की जानकारी नहीं होने की बात कहे जाने का दावा किया गया है। यदि ऐसा हुआ है, तो यह विषय भी जांच का है, क्योंकि सरकारी विद्यालयों में स्वच्छता और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्राम संजरा के ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय के शौचालयों की स्थिति की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जर्जर शौचालयों के दरवाजे तत्काल दुरुस्त कराए जाएं तथा छात्राओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोग योग्य शौचालय एवं बाथरूम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विद्यालय में पेयजल और स्वच्छता संबंधी अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की जाए।
1 अनुलग्नक

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