
मोट्रेट ट्राई साइकिल पाकर खुश हुईं वंदना अहिरवार, कहा अब जीवन यापन में आसानी होगी
सागर 04 नवम्बर 2026
जिले की रहली तहसील में बसा गांव चाँदपुर। इस गांव की श्रीमती वंदना अहिरवार लंबे समय से पैरों की कमजोरी से जूझ रही थीं। चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। बाजार जाना, रिश्तेदारों से मिलना, एक स्थान से दूसरे स्थान जाना सब कुछ एक सपने जैसा लगता था। जीवन मानो थम सा गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
एक दिन वंदना अहिरवार ने हिम्मत जुटाई और कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव की जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी फरियाद कलेक्टर को सुनाई। उन्होंने कहा साहब, मैं चल-फिर नहीं पाती। यदि बैटरी वाली ट्राईसाइकिल मिल जाए, तो मेरा जीवन फिर से चलने लगेगा।
कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने बड़ी संवेदनशीलता और आत्मीयता से उनकी बात सुनी और बिना देरी किए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि वंदना अहिरवार के आवेदन को प्राथमिकता से पूरा करें।
कलेक्टर के निर्देशानुसार संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कागजी कार्यवाही पूरी की और शीघ्र ही चमचमाती नई मोटराइज्ड ट्राई साइकिल (MTC) वंदना अहिरवार को प्रदान की गई। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल देखते ही उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
मोट्रेट ट्राई साइकिल पाकर जहां वंदना अहिरवार के चेहरे पर खुशी छलक उठी, वहीं उनके पति के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।पति ने कहा, अब मेरी पत्नी को कहीं आने-जाने के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
खुशी से झूमते हुए वंदना अहिरवार ने कहा, अब आवागमन में सुविधा होगी और जीवन यापन में आसानी होगी। वे बताती हैं कि कलेक्टर की जनसुनवाई ने मेरी जिंदगी को नई दिशा दी। मोट्रेट ट्राई साइकिल पाकर आज वंदना अहिरवार खुश हैं और अब वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
इलेक्ट्रिक साइकिल पाकर वंदना ने खुश होकर कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह कहानी सिर्फ एक ट्राईसाइकिल की नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की है। कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के संवेदनशील निर्देश और शासन की त्वरित कार्यवाही ने एक व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी भर दी।

