सागर
दीपावली पर्व के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन कार्रवाई: कलेक्टर के निर्देश पर राहतगढ़ और सागर में लिए गए मावा व मिठाइयों के नमूने
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आगामी दीपावली पर्व के अवसर पर आमजनों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। श्रीमान कलेक्टर महोदय के कड़े निर्देशों के परिपालन में, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला सागर के अधिकारियों द्वारा जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में विभागीय दल द्वारा ग्रामीण क्षेत्र ‘राहतगढ़’ एवं ‘सागर नगरीय क्षेत्र’ के विभिन्न मिष्ठान भंडारों और किराना प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान दल ने मावा (खोवा) की बर्फी, नमकीन एवं त्योहारों पर विशेष रूप से विक्रय किए जाने वाले ‘सेलिब्रेशन पैक’ के संदिग्ध नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों और विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी कि वे ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न करें और केवल गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही विक्रय सुनिश्चित करें।
खाद्य विक्रेताओं के लिए दीपावली पर्व हेतु विशेष निर्देश:
खोवा/मावा व मिठाइयां: मिठाइयों के निर्माण में केवल ताजे और शुद्ध खोवे का ही उपयोग किया जाए। पुरानी या फफूंद लगी सामग्री का उपयोग सख्त वर्जित है।
साफ-सफाई और रखरखाव: विक्रय स्थल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। मिठाइयों को हमेशा कांच के शोकेस या जाली से ढककर रखें ताकि धूल-मिट्टी या मक्खियां न बैठें।
निर्माण एवं एक्सपायरी तिथि: पैकबंद मिठाइयों, नमकीन और सेलिब्रेशन पैक पर निर्माण तिथि (Manufacturing Date) और उपयोग की अंतिम तिथि (Expiry/Best Before Date) स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए।
खाद्य रंगों का प्रयोग: मिठाइयों में केवल निर्धारित सीमा में ही सुरक्षित और अनुमत ‘फूड कलर’ का उपयोग किया जाए।
आमजनों से प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन सम्माननीय नागरिकों से अपील करता है कि दीपावली के पावन पर्व पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। अधिक रंग-बिरंगी, अत्यधिक सस्ती या संदिग्ध लगने वाली मिठाइयों (विशेषकर मावा/खोवा से बनी) और मिलावटी सामग्री के सेवन से बचें। हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही ताजी खाद्य सामग्री खरीदें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यदि किसी भी नागरिक को अपने आस-पास गुणवत्ताहीन या मिलावटी खाद्य सामग्री बेचे जाने की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत खाद्य सुरक्षा प्रशासन या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
