प्रतापपुरा में 17 नवंबर को स्वास्थ्य शिविर, फेफड़ों से लेकर गंभीर बीमारियों तक की होगी जाँच
क्रेशर और औद्योगिक गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मिलेगा लाभ, स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
निवाड़ी। औद्योगिक गतिविधियों के बीच रहने वाले ग्रामीणों और श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर सजग युवा शक्ति संगठन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन के प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 नवंबर को औद्योगिक क्षेत्र प्रतापपुरा में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस शिविर में प्रतापपुरा सहित जिजौरा, बसोबा और आसपास के गांवों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
क्षेत्र में क्रेशर एवं अन्य औद्योगिक गतिविधियां संचालित होने के कारण धूल और प्रदूषण का वातावरण बना रहता है। ऐसे में लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने वाले श्रमिकों और ग्रामीणों को सांस एवं फेफड़ों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिविर में श्वसन संबंधी बीमारियों की जांच पर विशेष जोर रहेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों के छाती के एक्स-रे भी कराए जाएंगे।
शिविर में केवल सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण ही नहीं, बल्कि विभिन्न गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए भी व्यवस्थाएं रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एचपीवी, गोनोरिया, हेपेटाइटिस, सिफिलिस और एचआईवी से संबंधित जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। एचआईवी परीक्षण स्वैच्छिक होगा और संबंधित जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर शिविर की व्यवस्थाओं के लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसमें आरबीएसके टीम, आईसीटीसी काउंसलर, लैब टेक्नीशियन, जिला परामर्शदाता, फार्मासिस्ट और टीबी विभाग से जुड़े कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
सजग युवा शक्ति संगठन के संयोजक प्रमोद कुमार केवट ने बताया कि शिविर में निर्धारित जांच और स्वास्थ्य परीक्षण निःशुल्क किए जाएंगे। संगठन का प्रयास है कि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें, जो आर्थिक या अन्य कारणों से नियमित रूप से अस्पताल जाकर जांच नहीं करा पाते। उन्होंने कहा कि समय रहते बीमारी का पता चलने से मरीज को उचित उपचार दिलाने में मदद मिल सकती है।
शिविर की तैयारियों को लेकर संगठन की बैठक 1 नवंबर को सुबह 11 बजे ओरछा तिगैला स्थित यदु विलास होटल में रखी गई है। इसमें संगठन के कार्यकर्ता शामिल होकर गांव-गांव तक सूचना पहुंचाने, लोगों को शिविर में लाने और आयोजन की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा करेंगे।
संगठन ने प्रतापपुरा, जिजौरा, बसोबा और आसपास के गांवों के नागरिकों से 17 नवंबर को शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों से इस सुविधा का लाभ लेने का आग्रह किया गया है।
