सुरक्षित बचपन अभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ एवं “उड़ान” कार्यशाला का आयोजन

सागर, / “सुरक्षित बचपन अभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम एवं एक दिवसीय “उड़ान” कार्यशाला का आयोजन दिनांक 01.11.2026 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, जिला अनूपपुर में किया गया।कार्यक्रम माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विवेक रूसिया जी, माननीय न्यायमूर्ति श्री दीपक खोत, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुश्री सुमन श्रीवास्तव तथा अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ YouTube के माध्यम से सीधे प्रसारण से किया गया। इस अवसर पर सागर में ए.डी.आर. भवन के सभाकक्ष में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष श्री एम.के. शर्मा, जिला न्यायाधीश श्री सुधांशु सक्सेना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव / जिला न्यायाधीश श्री संतोष सैनी, जिला न्यायाधीश श्रीमती नेहा श्रीवास्तव, जिला न्यायालय के रजिस्ट्रार श्री प्रीतम बंसल, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती दिव्या भलावी एवं लगभग 60 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
अध्यक्ष श्री एम.के. शर्मा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी मोबाइल के दुरुपयोग से बचते हुए उसका सदुपयोग कर अपनी शिक्षा को प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने “गुड टच-बैड टच” की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।रिसोर्स पर्सन डॉ. स्मिता दुबे (एम.बी.बी.एस., डी.जी.ओ.) ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण, पर्याप्त नींद, व्यायाम, आधुनिक उपकरणों के सीमित प्रयोग, बीमारियों से बचाव, लैंगिक हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।श्री प्रीतम बंसल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सागर ने उत्कृष्ट जीवनशैली, रोजगार के विकल्प एवं कौशल, लक्ष्य निर्धारण और छात्रवृत्ति के अवसरों पर जानकारी दी।श्रीमती नेहा श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, सागर ने बाल संरक्षण तंत्र, पॉक्सो अधिनियम 2012 के मुख्य प्रावधान, रिपोर्टिंग प्रणाली, बाल सुरक्षा उपाय तथा राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका और मुफ्त कानूनी सहायता विषय पर जानकारी दी।श्री अम्बर तिवारी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, साइबर फॉरेंसिक यूनिट जोन, सागर ने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग और उसके जोखिम एवं कानूनी उपायों पर जानकारी दी।कार्यक्रम के समापन पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संतोष सैनी ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बालिका को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का अधिकार है।कार्यशाला में संवाद के दौरान न्याय संबंधी विषयों पर उत्कृष्ट जिज्ञासा प्रकट करने वाले 10 विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।

