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*भगवान को जिस श्रद्धा से लाए, उसी सम्मान से दें विदाई : रिशांक तिवारी*

*आस्था का सम्मान, प्रकृति की रक्षा का संकल्प; राजघाट में संकल्प फाउंडेशन ने निकालीं गणेश प्रतिमाएं*

सागर। 11/10/2026: संकल्प फाउंडेशन ने रविवार को राजघाट में सफाई अभियान चलाकर जल में विसर्जित गणेश प्रतिमाओं एवं पूजन सामग्री को बाहर निकाला। राजघाट बांध के स्थानीय केयरटेकरों के सहयोग से चलाए गए इस अभियान में संगठन के सदस्यों ने जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विसर्जन के कई दिनों बाद भी प्रतिमाएं लगभग उसी अवस्था में मिलीं। इससे उनके पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित होने की आशंका जताई गई।

संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी ने बताया कि कुछ दिन पहले संगठन को स्थानीय नागरिकों के माध्यम से जानकारी मिली थी कि राजघाट में गणेश विसर्जन के बाद कई प्रतिमाएं जल में पड़ी हुई हैं। सूचना मिलने पर संगठन ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय केयरटेकरों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया। अभियान के दौरान प्रतिमाओं और पूजन सामग्री को जल से बाहर निकाला गया, ताकि उनका उचित निस्तारण किया जा सके।

रिशांक तिवारी ने कहा कि धार्मिक त्योहार हमारी संस्कृति, परंपराओं और आस्था के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। भगवान गणेश को श्रद्धा और उत्साह के साथ घर लाया जाता है, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और फिर सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है। ऐसे में विसर्जन के बाद प्रतिमाओं को लंबे समय तक जल में लावारिस छोड़ देना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, “हम भगवान को जिस श्रद्धा और सम्मान के साथ अपने घर लाते हैं, उसी सम्मान के साथ उनकी विदाई भी होनी चाहिए। भगवान अपने भक्त की भक्ति के भूखे हैं। विसर्जन के बाद प्रतिमाओं को इस तरह छोड़ देना हमारी धार्मिक भावनाओं, संस्कारों और परंपराओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। सनातन संस्कृति हमें आस्था के साथ प्रकृति का सम्मान करना भी सिखाती है।”

जल से निकाली गई प्रतिमाओं के उचित निस्तारण के संबंध में रिशांक तिवारी ने बताया कि संकल्प फाउंडेशन के सदस्यों और साथियों के साथ चर्चा कर एक कुंड बनाने की योजना बनाई गई है। इसमें प्रतिमाओं का धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप उचित निस्तारण किया जाएगा, ताकि जल स्रोतों और आसपास के पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सके।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों के दौरान धार्मिक परंपराओं का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ करें। प्रतिमाओं और पूजन सामग्री के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था अपनाएं और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति में विश्वास रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह देवी-देवताओं के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ प्रकृति की रक्षा भी करे।

रिशांक तिवारी ने यह भी कहा कि शहर में जहां कहीं स्वच्छता अभियान की आवश्यकता हो, वहां संकल्प फाउंडेशन को इसकी जानकारी दें। संगठन जनसहयोग के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

कार्यक्रम में आदर्श टिंकू साहू, हेमांशु साहू, भास्कर मुखरिया, प्रयांशु, शिवांक तिवारी सहित संकल्प फाउंडेशन के सदस्य एवं राजघाट के स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान में सहभागिता करते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

संकल्प फाउंडेशन की इस पहल के माध्यम से नागरिकों को संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रकृति को स्वच्छ और सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

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