सागर
एनसीएपी की समीक्षा बैठक में कलेक्टर —पीएम-10 प्रदुषण को करें नियंत्रित, सड़कों पर नियमित यांत्रिक सफाई और हरियाली बढ़ाने पर रहे जोर
सागर की आबो-हवा सुधारने कलेक्टर के निर्देश – धूल नियंत्रण, आरटीओ फिटनेस जांच और पराली जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित
सागर 04 नवम्बर 2026
सागर जिले में वायु गुणवत्ता में सुधार और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एनसीएपी के तहत संचालित गतिविधियों, एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों की वर्तमान स्थिति, प्रदूषण के प्रमुख कारणों तथा मुख्य रूप से पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर) के स्तर को नियंत्रित करने के उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री यादव ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ वायु प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की नियमित निगरानी और एक्यूआई का स्तर सुधारना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के ने निर्माण स्थलों और सड़कों/रहवासीय क्षेत्रों के किनारे रखी सामग्री (रेत, बजरी, सीमेंट आदि) को अनिवार्य रूप से ग्रीन नेट से ढकने के निर्देश दिए। सड़कों पर यांत्रिक सफाई (स्वीपिंग मशीन) और नियमित पानी के छिड़काव को सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए। खुले में कचरा जलाने की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सड़कों पर चलने वाले
वाहनों की नियमित फिटनेस जांच करने तथा जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री और उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, वृहद स्तर पर पौधरोपण करने और शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
आमजन को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक आईईसी गतिविधियों के संचालन के भी निर्देश दिए।
बैठक में सड़क धूल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात सुधार और सीएंडडी वेस्ट के उचित निष्पादन पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल एक विभागीय कार्य नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य से जुड़ा प्राथमिकता का विषय है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

