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सागर लोकसभा की रेल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार, पश्चिम मध्य रेलवे की बैठक में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने उठाईं कई प्रमुख मांगें

तीन माह में तीन ROB जनता को समर्पित होने की उम्मीद; बीना को चार दिशाओं में MEMU संचालन का प्रमुख  केंद्र बनाने की योजना पर जोर, रीवा–चार्लापल्ली ट्रेन जल्द शुरू कराने की मांग



सागर, /  सागर लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार, नई रेल सेवाओं की शुरुआत, वर्षों से लंबित आधारभूत परियोजनाओं को गति देने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आज, जबलपुर में संपन्न पश्चिम मध्य रेलवे की जोनल बैठक में महत्वपूर्ण पहल हुई। जबलपुर में आयोजित बैठक में सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने क्षेत्र की जरूरतों को प्रमुखता से रखते हुए नई रेल लाइनों, ट्रेनों के संचालन एवं विस्तार, रेलवे ओवरब्रिज (ROB), स्टेशन पुनर्विकास, सुरक्षा व्यवस्था और छोटे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से जुड़े 26 प्रमुख विषयों पर विस्तृत मांग-पत्र प्रस्तुत किया।बैठक में जबलपुर मंडल के सभी सांसदों के साथ पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तथा वरिष्ठ रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे। सागर लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई और कई विषयों पर आगे कार्रवाई की उम्मीद जगी।
तीन महीने में तीन ROB जनता को समर्पित होने की उम्मीद सागर क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे ओवरब्रिज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने विशेष रूप से सागर बायपास ROB को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लंबित रेलवे कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
सागर बायपास और रिंग रोड के तैयार होने के बावजूद रेलवे के शेष कार्यों के कारण भारी वाहनों का शहर के भीतर से गुजरना यातायात, व्यापार और सड़क सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निश्चित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगामी तीन महीनों में सागर क्षेत्र के तीन ROB जनता को समर्पित किए जाने की उम्मीद है। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार और आम नागरिकों को राहत मिलने की संभावना है।
सांसद ने क्षेत्र में निर्माणाधीन लगभग 12 ROB परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा, प्रत्येक परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय करने तथा रेलवे, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वित निगरानी व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया।
मांग-पत्र में नरयावली–लुहारी मार्ग के LC-16, सागर बायपास के LC-21, बीना–कटनी रेल सेक्शन से जुड़े LC-25 और LC-27, सागर रेलवे स्टेशन से छावनी परिषद को जोड़ने वाले LC-26 तथा गढ़ा–लिधौरा मार्ग के LC-32 सहित अन्य ROB परियोजनाओं की प्रगति और समय-सीमा स्पष्ट करने की मांग शामिल है।
बीना जंक्शन बनेगा चार दिशाओं में MEMU ट्रेनों का प्रमुख केंद्र
बीना जंक्शन के विकास को क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यार्ड रीमॉडलिंग के कार्य के बाद बीना में रेल परिचालन की क्षमता और सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया गया।आगामी एक वर्ष में बीना के रेल बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार की उम्मीद है। प्रस्तावित दिशा के अनुसार, बीना को चार दिशाओं में MEMU ट्रेनों के संचालन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर है— बीना से कटनी, बीना से गुना, बीना से भोपाल, बीना से झांसी।
इन सेवाओं का विस्तार होने पर दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आसपास के कस्बों से आने-जाने वाले यात्रियों को लाभ मिल सकता है। बीना से जुड़ी कनेक्टिंग ट्रेनों की जानकारी सागर स्टेशन पर उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट यात्री सूचना प्रणाली विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
रीवा–चार्लापल्ली ट्रेन जल्द शुरू कराने की मांग सागर क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रीवा–चार्लापल्ली ट्रेन संख्या 20158 के नियमित संचालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मांग-पत्र के अनुसार, इस ट्रेन को नियमित रेल सेवा के रूप में चलाने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से प्राप्त हो चुकी है, लेकिन परिचालन शुरू नहीं हो पाया है।
सांसद ने स्वीकृत रेल सेवाओं को लागू करने में हो रही देरी पर ध्यान आकर्षित करते हुए इनके संचालन की स्थिति स्पष्ट करने और जल्द शुरुआत सुनिश्चित करने की मांग रखी।
इसके अतिरिक्त हजरत निजामुद्दीन–अंबिकापुर एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन चलाने के संबंध में जारी रेलवे बोर्ड के आदेश के क्रियान्वयन का मुद्दा भी उठाया गया।
सागर स्टेशन पर दूसरे चरण में FOB, एस्केलेटर और आधुनिक सुविधाओं की मांग सागर रेलवे स्टेशन को अधिक यात्री-अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए दूसरे चरण में सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। प्रमुख मांगों में शामिल हैं—स्वीकृत 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज (FOB) के निर्माण में तेजी,एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाओं का विस्तार, प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 से संबंधित कार्यों को गति देना, प्रवेश-निकास, पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया को व्यवस्थित करना,प्लेटफॉर्म नंबर 1 से अतिक्रमण हटाकर यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना, स्टेशन पर बीना जंक्शन की कनेक्टिंग ट्रेनों, समय-सारणी, प्लेटफॉर्म और स्थानीय परिवहन की जानकारी देने वाली स्मार्ट सूचना प्रणाली विकसित करना।
सांसद ने छोटे स्टेशनों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने की मांग रखी। लिधौरा खुर्द, नरयावली, ईसरवारा, जरुआखेड़ा और सुमरेड़ी सहित स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म शेड, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई बेहतर करने का आग्रह किया गया।
मकरोनिया स्टेशन का चरणबद्ध विस्तार तथा वहां ट्रेन वॉशिंग पिट और कोच रखरखाव सुविधाओं की तकनीकी एवं परिचालन व्यवहार्यता का अध्ययन करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
सागर से पुणे, बेंगलुरु और अन्य शहरों के लिए बेहतर रेल संपर्क
यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई रेल कनेक्टिविटी और मौजूदा ट्रेनों के मार्ग एवं आवृत्ति में सुधार के कई प्रस्ताव रखे गए।
*प्रमुख मांगों में शामिल
हैं— रीवा–पुणे ट्रेन के मार्ग और परिचालन व्यवस्था में सागर को जोड़ने की व्यवहार्यता का अध्ययन।
बेंगलुरु–लखनऊ और जबलपुर–बेंगलुरु सेवाओं के वैकल्पिक मार्गों में सागर को शामिल करने की संभावना पर विचार।
गोरखपुर हमसफर ट्रेन को सप्ताह में दो या तीन दिन चलाने का प्रस्ताव।
जबलपुर–कटरा वैष्णो देवी सेवा को सप्ताह में तीन दिन संचालित करने की मांग।
शिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने का प्रस्ताव।
जबलपुर–मथुरा रेल संपर्क बेहतर करने की मांग।
राजरानी एक्सप्रेस को नरयावली में ठहराव देने तथा गोरखपुर हमसफर और जम्मू तवी एक्सप्रेस को खुरई में स्टॉपेज देने का प्रस्ताव* बीना–कटनी MEMU की समय-सारणी को यात्रियों की सुविधा के अनुरूप, विशेषकर सुबह लगभग 8 बजे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए संशोधित करने की मांग।* राज्यरानी एक्सप्रेस को उज्जैन अथवा इटारसी तक विस्तारित करने की व्यवहार्यता का अध्ययन।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य सागर और आसपास के क्षेत्रों को प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक केंद्रों और रोजगार के अवसरों से बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराना है।
दो नई रेल लाइनों को आगे बढ़ाने पर जोर
बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सांसद ने दो महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर विशेष ध्यान देने की मांग की सागर–छतरपुर–खजुराहो–भोपाल नई रेल लाइन: मांग-पत्र में इस प्रस्ताव के सर्वे की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा आगे की स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया गया।
ललितपुर–सागर–करेली–छिंदवाड़ा नई रेल लाइन: इस कॉरिडोर की तकनीकी एवं यातायात व्यवहार्यता, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की स्थिति की समीक्षा करने की मांग रखी गई।
इन रेल परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से बुंदेलखंड, महाकौशल और विंध्य क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क बेहतर करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

रेलवे सुरक्षा, जलभराव और 2028 के सिंहस्थ की तैयारी यात्री सुरक्षा और आधुनिक रेलवे व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बीना–कटनी रेल सेक्शन में रेलवे के स्वीकृत मानकों के अनुरूप कवच 4.0 प्रणाली के विस्तार का प्रस्ताव आगे बढ़ाने, स्टेशनों पर CCTV और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करने तथा आपातकालीन सहायता को बेहतर बनाने की मांग की गई।
अप्सरा, भूतेश्वर और नरयावली सहित जलभराव से प्रभावित रेलवे अंडरपासों के लिए ड्रेनेज, पंपिंग, प्रकाश और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने का मुद्दा भी उठाया गया।यहाँ जल्दी ही शेड लगेगा
वर्ष 2028 में उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए यात्रियों के प्रबंधन, अतिरिक्त ट्रेनों, सुरक्षा और स्टेशन सुविधाओं की अग्रिम योजना बनाने पर भी जोर दिया गया। राज्यरानी एक्सप्रेस को उज्जैन तक विस्तारित करने की व्यवहार्यता पर विचार करने का प्रस्ताव भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन शेडों पर रूफटॉप सोलर, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्षता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलवे कर्मचारियों को सम्मानित करने जैसे सुझाव भी मांग-पत्र में शामिल किए गए।
केवल मांग नहीं, समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने रेलवे अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रत्येक मांग के लिए जिम्मेदार अधिकारी, प्राथमिकता और लक्ष्य-तिथि निर्धारित की जाए। लंबित ROB परियोजनाओं की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा और अगली बैठक से पहले प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।
बैठक में सागर लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। ROB निर्माण, बीना जंक्शन के विकास, स्वीकृत ट्रेनों के परिचालन, नई रेल लाइनों की प्रक्रिया और यात्री सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विषयों पर आगे कार्रवाई की उम्मीद है।

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