वर्तमान समय में क्षमावाणी पर्व विश्व स्तर पर मनाए जाने की आवश्यकता – विधायक शैलेंद्र कुमार जैन
श्री शांतिनाथ जैन मंदिर, बालक हिल व्यू में आयोजित हुआ क्षमावाणी पर्व समारोह, क्षमा और सद्भाव का दिया संदेश

सागर। श्री शांतिनाथ जैन मंदिर, बालक हिल व्यू में जैन समाज द्वारा क्षमावाणी पर्व का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि क्षमावाणी पर्व वास्तव में हृदय की मलिनता को दूर कर मन को निर्मल बनाने वाला पर्व है। यह पर्व हमें आपसी वैमनस्य, कटुता और मनमुटाव को भुलाकर प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
विधायक श्री जैन ने रहीम के प्रसिद्ध दोहे “क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात। कहि रहीम हरि को घट्यो, जो भृगु मारी लात॥” का उदाहरण देते हुए कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है। सच्चा साहसी व्यक्ति वही होता है, जो अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांगने और दूसरों की गलतियों को क्षमा करने का सामर्थ्य रखता है। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम उन लोगों से भी संवाद स्थापित करें, जिनसे लंबे समय से हमारी बातचीत बंद है। हमें अपने मन के अहंकार और द्वेष को त्यागकर रिश्तों में मधुरता लाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अनेक प्रकार के संघर्षों, तनावों और आपसी वैमनस्य से गुजर रहा है। ऐसे में क्षमावाणी पर्व का संदेश केवल समाज या देश तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंचना चाहिए। यदि विश्व के लोग क्षमा, करुणा और अहिंसा के सिद्धांतों को अपनाएं, तो अनेक विवादों और संघर्षों का समाधान संभव है।
कार्यक्रम का आयोजन समाज के अध्यक्ष श्री चक्रेश जैन हिन्नोद वालों के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों इंजीनियर महेश जैन, प्रो. अभय कुमार सिंघई, चक्रेश जैन पारस फ्रैक्चर, डॉ. विमल जैन एवं अमरीश सिंघई ने भी क्षमावाणी पर्व के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए डॉ. नलिन निर्मल ने सधर्मी बंधुओं की सराहना की तथा अपनी कविता *“जाने-अनजाने में”* का गायन किया। वहीं, प्रो. अमर कुमार जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संसार में मां का स्थान सबसे अधिक क्षमाशील और ममतामयी होता है। मां अपने बच्चों की गलतियों को सहजता से क्षमा कर देती है। उनका यह भाव क्षमा के महत्व और उसकी आत्मीयता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में ममता, चंद्रकांता, जयंत, अरविंद जैन, दीपक सिंघई सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. आशीष जैन, विकास जैन, मनोज जैन, मुकेश, उपाध्यक्ष प्रमोद जैन, सचिव अनिल जैन, सहसचिव प्रियंक जैन, डॉ. आर.के. जैन, अजय सर्राफ, डी.के. जैन, पार्षद हेमंत यादव, शुभम जैन, के.सी. जैन एवं मोती लाल जैन की उपस्थिति रही।
महिला मंडल की ओर से सपना उदय जैन, किरण अरविंद रवि जैन, कौशल्या जैन, क्रांति जैन, सीमा सर्राफ, मीना सर्राफ, संगीता राजेश सिंघई, सारिका सूरज सिंघई, राखी सुनील जैन, नीतू बलवीर जगाती, नीलम दिवाकर एवं सुषमा देवकुमार सहित अनेक समाजजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का संचालन श्री अखिलेश समैया ने किया तथा समाज के अध्यक्ष श्री चक्रेश जैन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
